Swaranjali
क्या होगा यदि एक राग केवल संगीत न होकर स्मृतियों का द्वार हो?
सिया के जीवन में कुछ ऐसी रहस्यमयी घटनाएँ घटने लगती हैं जिनका कोई तर्कसंगत उत्तर नहीं है। अनजाने स्वप्न, अनसुने राग और एक प्राचीन रहस्यमय मंदिर उसे बार-बार अपनी ओर आकर्षित करते हैं। हर बीतते दिन के साथ उसे यह एहसास होने लगता है कि उसके जीवन का संबंध किसी ऐसे अतीत से है, जिसकी स्मृतियाँ समय की धूल में दब चुकी हैं।
इसी बीच उसकी मुलाकात राघव से होती है, एक ऐसा युवक, जो अनजाने ही उसी रहस्य से जुड़ा हुआ है। दोनों एक ऐसी यात्रा पर निकल पड़ते हैं, जहाँ संगीत केवल सुरों का संसार नहीं, बल्कि सदियों पुराने इतिहास, अधूरे प्रेम, भविष्यवाणी और छिपे हुए सत्य का माध्यम बन जाता है।
स्वर मंदिर—एक ऐसा पवित्र स्थल, जहाँ हर राग एक कथा कहता है, हर प्रतिध्वनि किसी भूली हुई स्मृति को जगाती है और हर पत्थर अपने भीतर एक अनकहा इतिहास समेटे हुए है।
क्या सिया और राघव उस रहस्य का उद्घाटन कर पाएँगे जिसने पीढ़ियों से स्वयं को समय की परतों में छिपा रखा है?
क्या उनका मिलन केवल एक संयोग है, या सदियों पुरानी अधूरी प्रेमगाथा की पुनरावृत्ति?
और जब अतीत वर्तमान के द्वार पर दस्तक देगा, तब क्या इतिहास स्वयं को दोहराएगा या एक नया स्वर जन्म लेगा?
‘स्वरांजलि’’ भारतीय शास्त्रीय संगीत, रहस्य, प्रेम, अध्यात्म और पुनर्जन्म के अद्भुत ताने-बाने से बुना गया एक भावपूर्ण फैंटेसी उपन्यास है, जहाँ हर राग एक रहस्य है, हर स्मृति एक संकेत है और हर पृष्ठ पाठक को एक ऐसे संसार में ले जाता है, जहाँ संगीत केवल सुना नहीं जाता, उसे जिया जाता है।
लेखक परिचय
‘आदित्य गुप्ता’ उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक गाँव से प्राप्त की। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की शिक्षा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) से पूर्ण करने के उपरांत उन्होंने स्नातक की उपाधि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु तथा परास्नातक की उपाधि डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से प्राप्त की।
बचपन से ही उन्हें कहानियाँ पढ़ने का विशेष शौक था। समय के साथ साहित्य के प्रति उनकी रुचि और गहरी होती गई, जिसने उन्हें लेखन की ओर प्रेरित किया। निरंतर अध्ययन और कल्पनाशीलता के सहारे उन्होंने कहानी-लेखन का अभ्यास आरंभ किया। ‘स्वरांजलि’ उनकी प्रथम प्रकाशित कृति है, जिसके माध्यम से वे एक लेखक के रूप में साहित्य जगत में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह उपन्यास भारतीय शास्त्रीय संगीत, रहस्य, प्रेम और अध्यात्म के अद्भुत समन्वय को प्रस्तुत करता है तथा उनकी रचनात्मक दृष्टि और संवेदनशील लेखन शैली का परिचायक है।































Reviews
There are no reviews yet.