Jey / जे
अगर आप इस कहानी तक आ पहुंचे हैं तो आप उन चुनिंदा लोगों में से हैं, जो यह मानते हैं कि हमारी समझ के परे भी बहुत कुछ ऐसा है, जिसे हमने अभी नहीं तक जाना है। मात्र ग्यारह दिनों में इतना कुछ घटा कि इस उपन्यास के पात्रों की ज़िंदगी पूरी तरह से बदल गई। उनका सामना अपने भीतर बैठे डर से हुआ, हिम्मत से हुआ। और, एक ऐसी आसमानी ताक़त से हुआ, जो इस दुनियां के सताने से अपने अंदर बैठे शैतान को जगा बैठी। क्या उसका बदला पूरा हुआ? आखिर सबका प्रारब्ध उन्हें जैसलमेर तक क्यों खींच लाया? यकायक आधी रात को थार के रेगिस्तान में कौन लापता हुआ-जिससे एक ऐसी तलाश शुरू हुई, जिसने सबके होश उड़ा डाले।
इस रोमांचक यात्रा में किसे क्या मिला? क्या जानने के लिए पढ़ना नहीं चाहेंगे ‘जे’? तेज़ रफ़्तार, रोमांचकारी, आध्यात्मिक परंतु भयावह परिवेश में लिपटा उपन्यास, अंतरराष्ट्रीय पात्रों के साथ। पढिए, और अपने डर पर विजय पाइये।































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