Vishwa Prasiddha Great Classics
गरमियों के दिन थे। जंगल के सभी जानवर दोपहर में आराम कर रहे थे, ताकि शाम के समय वे शिकार पर जा सकें।
शाम को भेड़िया पापा अपने परिवार के लिए शिकार करने निकले। अचानक उन्हें जंगल में एक आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने अपने आसपास देखा, तो उन्हें झाड़ियों में एक अजीब-सा जीव दिखाई दिया। वह एक मानव जीव था। उसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था।
भेड़िया पापा ने आश्चर्य से कहा, “इन्सान का बच्चा!” उन्होंने इधर-उधर देखा और भगवान को धन्यवाद दिया कि कोई अन्य जानवर वहां नहीं पहुंच पाया। फिर वे उस बच्चे को अपने साथ घर ले गए।
इस तरह वह इन्सानी बच्चा भेड़ियों के दल में आ गया, जिसका नेतृत्व बुद्धिमान भेड़िया अकेला के हाथों में था। जब शेर खान नामक बाघ ने यह सब दूर से देखा, तो उसे बहुत बुरा लगा। वही तो उस बच्चे को इन्सानों की बस्ती से चुराकर जंगल में लाया था।
भेड़िया मम्मी और उनके बच्चे इस नन्हे जीव से बहुत प्यार करते थे। उन्होंने फैसला किया कि वे उसे अपने 17 साथ रखेंगे। भेड़िया मम्मी ने कहा, “आज से






























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