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Romeo Juliet and Smart Cities

ISBN: 9788199067820 Category: Author: Publisher:
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249.00

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Book Condition: New
Format: Paperback
Language: Hindi
Pages: 175

Availability: In stock


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Romeo Juliet and Smart Cities

जब मैं जयपुर में रहते हुए रंगमंच करता था तो मेरे सामने दो बड़े सवाल थे। पहला, क्या नाटक करने के लिए नाटक का लिखा होना ज़रूरी है और दूसरा, क्या किसी भी लिखी हुई चीज़ पर नाटक हो सकता है। असल में यह सवाल मेरी उस व्यक्तिगत ऊब की ऊपज थे जो अक्सर पुराने नाटक पढ़ने में मुझे होती थी। नहीं, मैं यहाँ यह नहीं कह रहा कि नाटक पुराने हैं तो नाटक ख़राब हो गए, बिल्कुल नहीं। वो सभी कृतियाँ हर स्तर पर महान हैं। पर मैं महानता की खोज में नहीं था। मैं नाटकों में कुछ नए की तलाश में था। मैं उस वक़्त प्रयोग करना चाहता था। यह मेरी ज़िद नहीं, मेरी ज़रूरत थी। आसपास खंगालने पर जब कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिसमें अपनेपन की ख़ुशबू हो तो मैंने अपनी ही बात कहानियों में लिखना शुरू कर दी। नाटक के बजाय कहानी लिखने का चुनाव इसलिए किया क्योंकि कहानी में नाटक की तरह ढाँचे का बंधन नहीं था। कहानी लिखने में मैं ज़्यादा उन्मुक्त महसूस कर रहा था। तब मुझे इन कहानियों के भविष्य को लेकर ना कोई उम्मीद थी, ना कोई फ़िक्र। मैं बस वही लिख रहा था जो रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में मुझे अचरज में डाल रहा था, फिर चाहे वो मकान मालिक से प्रताड़ित प्रेमी हो या फिर आई आई टी ग्रेजुएट का चिंतनशील बाप। कहानी का विषय, उसका कथानक, उसके किरदार, उसका द्वंद, उसका आदि उसका अंत सबकुछ मेरे आसपास से आया, लेकिन फिर भी मैं यह नहीं कहूँगा कि मैंने जो लिखा, वो सच में हुआ। ना ही मैं यह कहूँगा कि यह कहानियाँ काल्पनिक है। अगर हमारे वक़्त के महान लेखक उदयन वाजपेई के शब्दों में कहूँ तो कहानियों में वो लिखे जाने की ज़रूरत नहीं है जो सच में हुआ हो। कहानियाँ अपने आप में सच होती हैं। जब चारों कहानियाँ विस्तार ले रही थी, तब मैं भी अपने जीवन में विस्तृत हो रहा था। अभी भी हो रहा हूँ। आगे भी होता रहूँगा। उम्मीद है यह कहानियाँ आपको विस्तार देने में मदद करेंगी। शुभ पठन।

Weight260 g
Book Condition

New

Country of Origin

India

Language

Hindi

Pages

175

Product Form

Paperback

Publishers

Khyaati Prakashan

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