Kashinath/काशीनाथ
काशीनाथ शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की एक रोचन रचना है। यह एक गरीब लड़के और एक धनी ज़मींदार की लड़की के विवाह के बाद होने वाले टकराव की कहानी है। शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय ने अपने बचपन में ही लिखना शुरू कर दिया था और कोरेल और काशीनाथ जैसी दो कहानियाँ उन्होंने उसी समय लिखी थीं। परंतु काशीनाथ को पढ़ते हुए ऐसा आभास होता है कि यह बचपन में नहीं वरन परिपक्व अवस्था में लिखी गई रचना है। इसमें गाँव के लोगों की ज़िंदगी, उनके संघर्ष और उनके सामने आने वाली मुश्किलों का वर्णन है और साथ ही तत्कालीन बंगाल के सामाजिक जीवन की एक झलक भी मिलती है।



























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