Gau Samvardhan Ki Sanatan Vyaganik Parampara
डॉ. विवेक शर्मा
पिता – श्री प्रेम शर्मा (सेवानिवृत्त अधीक्षक, ग्रेड वन), माता श्रीमती अमिता शर्मा (सेवानिवृत्त शिक्षिका), जन्म 14 जुलाई, 1989, जन्मस्थान डढम्ब, तहसील – शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश – 176217
शिक्षा एवं उपलब्धियाँ सरस्वती विद्या मन्दिर (शिमला) एवं डीएवी गोहजू (शाहपुर) से प्रारम्भिक शिक्षा के उपरान्त शास्त्री (ज्योतिष), शिक्षाशास्त्री (B.ED), साहित्याचार्य एवं विद्यावारिधि (P.HD) केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से हुई, जबकि हि.प्र. विश्वविद्यालय शिमला से एम.ए. संस्कृत एवं एमफिल की उपाधि प्राप्त की। आधुनिक संस्कृत (कोड 25) तथा पारम्परिक संस्कृत (कोड 73) में UGC NET/JRF की परीक्षा कई बार उत्तीर्ण करने के अतिरिक्त पब्लिक सर्विस कमीशन शिमला से दो बार संस्कृत SET परीक्षा को उत्तीर्ण करते हुये हिमाचल प्रदेश में तृतीय स्थान प्राप्त किया। हमीरपुर अधिनस्थ चयन बोर्ड द्वारा आयोजित शास्त्री कमीशन परीक्षा में भी लेखक प्रदेश भर में शीर्षस्थ रहे। 2015 में इनको ICHR नई दिल्ली एवं नेरी शोध संस्थान द्वारा युवा इतिहासकार पुस्कार से सम्मानित किया गया।
शोधकार्य इनके द्वारा स्तरीय राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 110 शोधपत्र प्रकाशित किये गये हैं तथा राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलनों में इन्होंने 100 शोधपत्रों को प्रस्तुत किया है। लेखक ने देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में 40 आमन्त्रित व्याख्यान दिये हैं। डॉ. विवेक शर्मा के शोध निर्देशन में एक शोधच्छात्र ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की, चार अन्य शोधार्थी इनके निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं। इनकी 19 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं 1. संस्कृत दीपशिखा (UGC NET इत्यादि हेतु), 2. संस्कृत दीपशिखा प्रश्नोत्तरी, 3. पौराणिक ज्ञान परम्परा, 4. पुराणों में ऐतिहासिकता, 5. पुराणों में भौगोलिक सन्दर्भ, 6. हिमाचल के नेरटी गाँव का इतिहास, 7. नारी शक्ति वन्दन महाभारत की संकल्पना, 8. महाभारत : ज्ञान का परम वैभव, 9. महाभारत में शिक्षा एवं संस्कृति का प्रतिबिम्ब, 10. विमर्श का केन्द्र : महाभारत, 11. महाभारत युवाओं का पाथेय 12. गौ संरक्षण, सार्थक संकल्प, 13. गौ माता-आर्थिक समृद्धि का आधार, 14. गौ सम्वर्धन की सनातन वैज्ञानिक परम्परा, 15. भारतीय परम्परा में गौ माहात्म्य, 16. भारतस्य ज्ञान परम्परा, 17. भारत की ज्ञान प्रणाली, 18. तर्कभाषा 19. भारत की ज्ञान परम्परा – Knowledge Tradition of Bharat.
कार्यक्षेत्र तीन वर्ष तक हिमाचल के शासकीय विद्यालय में संस्कृत शिक्षक रहने के उपरान्त, वर्ष 2017 से हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में अध्यापनरत हैं। शैक्षिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ पिछले नौ वर्षों से डॉ. विवेक शर्मा देशभर के संस्कृत छात्रों को ज्ञान धारा यू-ट्यूब चैनल के





























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