Pushtimargiya Sangeet Parampara evam Ashtasakha
मयंक शर्मा संगीत के समर्पित साधक एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी युवा कलाकार हैं। वे बांसुरी वादन और गायन-दोनों ही क्षेत्रों में समान रूप से पारंगत हैं, और इन दोनों विधाओं में उनकी सशक्त साधना उनकी संगीतात्मक पहचान को विशिष्ट बनाती है। ख्याल गायन, उप-शास्त्रीय शैलियों, राजस्थानी लोक संगीत, वैदिक संगीत तथा फिल्म संगीत जैसी विविध विधाओं में वे दक्ष हैं। बांसुरी के कुशल वादक होने के साथ-साथ तबला, खड़ताल, भपंग एवं मोरचंग
जैसे वाद्यों के भी निपुण वादक हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें संगीत से संबंधित
रिकॉर्डिंग स्टूडियो की तकनीकी कार्यप्रणाली का भी व्यावहारिक ज्ञान है। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों
में संदर्भ व्यक्ति के रूप में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए शास्त्रीय संगीत, सुगम संगीत, लोक संगीत, दुर्लभ
प्रबंध शैलियाँ, वैदिक संगीत एवं संगीत शास्त्र जैसे विषयों पर विद्वतापूर्ण व्याख्यान एवं प्रदर्शन निरंतर
प्रस्तुत करते रहते हैं।
शैक्षिक योग्यता
एम.ए. (संगीत – कंठ), म.द.स. विश्वविद्यालय, अजमेर (2025)
NTA-NET (JRF) परीक्षा लगातार 3 बार उत्तीर्ण
प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
1.
2.
स्टाफ स्वरलिपि पद्धति
तालों का सौंदर्य शास्त्र
प्रशिक्षण / कार्यशालाएँ
07 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशालाः पारंपरिक पगड़ी प्रशिक्षण (2024)
07 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशालाः राजस्थान के दुर्लभ लोक वाद्य यंत्र (2025)
07 दिवसीय Short Term Training Program, MMTTC, नई दिल्ली (2025, 2026)
पुरस्कार
‘गुरु वंदन अवार्ड’, संस्कार भारती, ब्यावर (2025)
प्रकाशन
1.
2.
UGC CARE Listed पत्रिकाओं में 7 शोध पत्र प्रकाशित





























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