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Aprachalit Ragon Mein Pandit Raghunath Talegaonkar...

ISBN: 9789388997980 Category: Author: Publisher:
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Original price was: ₹895.00.Current price is: ₹795.00.

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Book Condition: New
Format: Hardcover
Language: Hindi
Pages: 81

Availability: In stock


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Aprachalit Ragon Mein Pandit Raghunath Talegaonkar Dwara Rachit Bandishon Ka Rachnatmak Evam Kalatmak Vishleshan

भारतीय शास्त्रीय संगीत की अनादि प्रवाहमान धारा में अपने स्वरों का सुमधुर संचार करते हुए गोपाल मिश्र एक ऐसे साधक हैं, जिनके गायन में परंपरा की गहराई, साधना की तपस्या और भावों की मधुर अभिव्यक्ति का अद्वितीय संगम दृष्टिगोचर होता है। संगीत में स्नातकोत्तर (M.A.-गायन) तथा UGC-NET उत्तीर्ण, आल इंडिया रेडियो द्वारा शास्त्रीय गायन, ग़ज़ल, सुगम संगीत एवं हारमोनियम वादन में “B-Grade” कलाकार के रूप में उनकी मान्यता उनके बहुआयामी व्यक्तित्व की सशक्त अभिव्यक्ति है। ग्वालियर घराने की समृद्ध गुरु – शिष्य परंपरा में पं. केशव रघुनाथ तलगांवकर जी के सान्निध्य में रहकर संगीत-साधना के सूक्ष्मतम आयामों का साक्षात्कार किया। यह साधना उनके स्वरों में गंभीरता, सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊष्मा का संचार करती है।

वर्तमान में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (PVTG), जबलपुर में T.G.T. (संगीत) के रूप में कार्यरत रहते हुए वे नवपीढ़ी के अंतर्मन में संगीत के संस्कारों का बीजारोपण कर रहे हैं। मानो वे केवल शिक्षा नहीं, अपितु संस्कृति का संचार कर रहे हों।

देश-विदेश के विविध मंचों ‘श्रीलंका के SA.SA.NI. Institute of Music से लेकर आगरा के Sangeet Kala Kendra VH-उनके स्वरों की अनुगूंज श्रोताओं के हृदय को स्पंदित करती रही है। ‘नाद साधना’ की पावन प्रातःकालीन बेला में उनकी साधना से अभिभूत होकर उन्हें ‘नाद साधक’ की उपाधि से विभूषित किया गया। जो उनके स्वर-साध्य जीवन का सजीव प्रतीक है। प्रतियोगितात्मक संगीत जगत में भी उन्होंने अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर विजय पताका फहराई है-जैसे उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी, अखिल भारतीय विष्णु दिगंबर पलुस्कर संगीत प्रतियोगिता, संगीतमिलन इत्यादि। जो उनकी प्रतिभा, परिश्रम और साधना का साक्ष्य प्रस्तुत करती है। साथ ही, संगीत-शास्त्र के क्षेत्र में उनका चिंतन ‘पं. विष्णु नारायण भातखंडे के भारतीय संगीत में योगदान’ जैसे शोध कार्यों के माध्यम से विद्वत् जगत में सम्मानपूर्वक प्रतिष्ठित है।

गोपाल मिश्र भारतीय संगीत के मूलभूत, व्यावहारिक, कलात्मक और तथ्यपूर्ण पक्षों को समझने और उन्हें सरल भाषा में संगीत प्रेमियों तक पहुँचाने में गहरी रुचि रखते हैं। आगरा की सांस्कृतिक भूमि पर जन्मे गोपाल मिश्र के लिए संगीत केवल एक कला नहीं। यह अनुभूति का विस्तार, साधना का पथ और आत्मा से परमात्मा तक की एक अनवरत यात्रा है। उनके लिए प्रत्येक स्वर एक प्रार्थना है, प्रत्येक राग एक ध्यान, और प्रत्येक प्रस्तुति एक आध्यात्मिक संवाद।

सम्प्रति : गोपाल मिश्र, T.G.T. (Music), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (PVTG), जबलपुर,

Weight450 g
Book Condition

New

Country of Origin

India

Language

Hindi

Pages

81

Product Form

Hardcover

Publishers

Raj Publishing House

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