Saket
साकेत महान हिंदी कवि मैथिलीशरण गुप्त की एक प्रसिद्ध महाकाव्यात्मक कृति है। यह काव्य मुख्यतः उर्मिला के दृष्टिकोण से रामायण की कथा को प्रस्तुत करता है। गुप्त जी ने इस रचना में उर्मिला के त्याग, धैर्य और नारी जीवन की पीड़ा को अत्यंत मार्मिक ढंग से चित्रित किया है।
“साकेत” में राम, लक्ष्मण, सीता जैसे प्रमुख पात्रों के साथ-साथ उर्मिला के जीवन को विशेष महत्व दिया गया है, जो प्रायः रामायण में उपेक्षित रही हैं। लक्ष्मण के वनवास जाने के बाद उर्मिला का एकांत जीवन, उनका त्याग और मानसिक संघर्ष इस काव्य का मुख्य विषय है।
कवि ने सरल, भावपूर्ण और प्रवाहमयी भाषा का प्रयोग किया है, जिससे पाठक आसानी से भावों से जुड़ जाते हैं। इस काव्य में नारी के त्याग, कर्तव्य और आदर्शों का उच्च चित्रण मिलता है।
“साकेत” केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं और सामाजिक मूल्यों का दर्पण है। यह कृति हिंदी साहित्य में अपनी संवेदनशीलता और नारी-केन्द्रित दृष्टिकोण के कारण विशेष स्थान रखती है।





























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