Jeevan Ko Badal Dene Wale Mahamantra
मैं नहीं चाहता था कि यह गीता पर लिखी गई एक और पुस्तक मात्र बनकर रह जाए—सदियों से इस कालजयी संवाद पर असंख्य ग्रंथ लिखे जा चुके हैं। मैं चाहता था कि यह तब आपके कंधे पर एक कोमल स्पर्श बने, जब संसार आपको अभिभूत कर देता है। मैं चाहता था कि यह भ्रम, थकान और मौन खोज के क्षणों में आपके हृदय से बात करे। उसकी प्रज्ञा के विशाल सागर से, मैंने जीवन-परिवर्तनकारी दस सूक्त अर्थात महामंत्र निकाले हैं। ये अनुष्ठानिक मंत्र नहीं हैं, बल्कि जीवन के निचोड़े हुए, आत्मा को नवजीवन देने वाले सिद्धांत हैं, जिनमें से प्रत्येक में हमारे जीने के ढंग को इन उथल-पुथल भरे समयों में मार्गदर्शन और रूपांतरित करने की शक्ति निहित है। ये आपको प्रवचन देने के लिए नहीं हैं, बल्कि आपको प्रेरित करने के लिए हैं—ठीक एक मित्र की भाँति। ये केवल पढ़े जाने के लिए नहीं, बल्कि स्मरण किए जाने और जिए जाने के लिए ऐसी पंक्तियाँ हैं जो प्रतीक्षा कर रही हैं। यह पुस्तक उपदेश देने का लक्ष्य नहीं रखती। यह आपके साथ-साथ चलने की कामना करती है—जैसे श्रीकृष्ण अर्जुन के साथ चले थे। यह कोमलता से मार्गदर्शन करने की आकाँक्षा रखती है, आपको स्मरण कराते हुए कि वह सारी स्पष्टता, साहस और प्रज्ञा, जिसकी आप खोज में हैं, पहले से ही आपके भीतर विद्यमान है। इसलिए धीरे-धीरे पढ़िए। गहराई से आत्मसात कीजिए और गीता के इन रूपांतरण के स्पर्श-पत्थरों को न केवल अपने मन में, बल्कि अपने संपूर्ण जीवन में प्रकट होने दीजिए।






























Reviews
There are no reviews yet.