Bundi Sthapatya avam Chitrakala
पाषाण काल से ही मानव कला का सृजन करता रहा है। साहित्य की तरह की कला भी समाज का दर्पण है। भित्ति चित्रों का इतिहास अति प्राचीन है। उस समय तक मानव की भाषा भी विकसित नहीं हुई थी। भारत में भित्ति चित्रों का एक महत्त्वपूर्ण इतिहास है, जो हमें पाषाण काल से लेकर अजन्ता आदि की यात्रा कराते हुए राजस्थान के भित्ति चित्रों तक पहुँचता है। राजस्थानी चित्रकला भारतीय चित्रकला की एक विशिष्ट धरोहर है। ये कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि राजस्थानी चित्रकला भारतीय चित्रकला का हृदय है। राजस्थानी चित्रकला का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक महत्त्व रहा है। राजस्थानी शैली के अन्तर्गत बूंदी, कोटा, किशनगढ़, जैसलमेर, मेवाड़ जोधपुर, जयपुर और बीकानेर जैसे लोकप्रिय केन्द्र रहे है, इन सब केन्द्रों के अन्तर्गत बूंदी की चित्रकला कई कारणों से अति महत्त्वपूर्ण रही है





























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