Black Friday
मुंबई में हुए सबसे बड़े आतंकवादी हमले का पहला चौंका देने वाला दस्तावेज़
12 मार्च, 1993 की दोपहर ख़ौफ़ और तबाही फैलाते हुए, दो घंटे से भी ज़्यादा देर तक चली विस्फोटों की एक शृंखला ने समूची मुंबई को हिलाकर रख दिया। शहर के दक्षिणी भाग में मुंबई के भीड़ भरे स्टॉक एक्सचेंज से भोजन काल में शुरू हुए विस्फोट उत्तर में जुहू स्थित सेंटोर होटल तक फैल गए। इस विभीषिका में 257 लोग मारे गए या लापता हो गए, 713 बुरी तरह ज़ख़्मी हुए और रह गया एक सिसकता शहर ।
ब्लैक फ्लाइडे में एस. हुसैन जैदी हमें इस साज़िश और इसकी जांचों की गहराई तक ले जाते हैं। यह किताब चार साल की अथक छानबीन का निचोड़ है। इसमें अपराधी दिमाग़ के दहला देने वाले राज़ खुलते हैं, और कई देशों व कई महीनों में बनी घिनौनी साज़िश का पर्दाफ़ाश होता है।
इसी पुस्तक के आधार पर हाल ही में ब्लैक फ्राइडे नाम से इस भयानक सच को बेनक़ाब करने वाली फ़िल्म भी बनी है





























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