Bharat Ka Itihas
प्रस्तुत पुस्तक ‘भारत का इतिहास’ लिखकर मैं अपने हृदय में अपार हर्ष का अनुभव कर रहा हूँ।
इस पुस्तक में प्राचीन धूमिल अतीत से लेकर मुस्लिम शासक की स्थापना तक भारतीय इतिहास की घटनाओं का आलोचनात्मक दृष्टिकोण से वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया है। इसमें प्राचीन तथ्यों को नवीन शोध के प्रकाश में नवीन दृष्टिकोण के साथ निष्पक्ष ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस दृष्टि से यह प्रथम एवं एकमात्र कृति है।
इस कृति में भारत के राजनीतिक इतिहास के अतिरिक्त सभ्यता, सांस्कृतिक विकास, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक दशा तथा प्रशासनिक व्यवस्था एवं बहुविध प्रगतियों के निरूपण इस विशेष रूप से बल दिया गया है।
साथ ही इससे यह भी बोध होता है कि किस प्रकार भारतीय शासकों ने सुदूरपूर्व में किस प्रकार उपनिवेशों की स्थापना कर अपने साम्राज्य का विस्तार किया और वहां पर अपनी संस्कृति का प्रसार किया।
पुस्तक की भाषा सर्वत्र सरल एवं शैली बोधगम्य ही रखी गई है, ताकि इतिहास के अध्येता विषय की भौतिकता को आसानी से समझ सकें।
प्रस्तुत पुस्तक को लिखने के लिए मैंने जिन ऐतिहासिक कृतियों की सहायता ली है, उनके रचयिताओं के प्रति आभार व्यक्त करना मैं अपना कर्तव्य मानता हूं।
पुस्तक को सुन्दर एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रकाशक महोदय भी धन्यवाद के पात्र हैं, जिनके सक्रिय सहयोग के कारण यह पुस्तक इतने अल्प समय में प्रकाशित हो सकी है।




























Reviews
There are no reviews yet.