0.00
0

The Bhagwat Gita

ISBN: 9788172345457 Categories: , Author:
ISBN: 9788172345457 Categories: , Author:
Click to find other popular books on: Bhagavad Gita, Religion
Price:

Original price was: ₹399.00.Current price is: ₹339.00.

Price:

Original price was: ₹399.00.Current price is: ₹339.00.

Book Condition: New
Format: Paperback
Language: Hindi
Pages: 520

Availability: In stock


Deals
Deals
Deals
Days
Hours
Minutes
Seconds

The Bhagwat Gita

प्रकृति और पुरुष (शरीर और आत्मा) के संगम को ही संसार कहते हैं और यही जीव के बंधन का कारण है। इस संयोग को तोड़ने पर ही मोक्ष प्राप्त होता है, परंतु यह ज्ञानोदय के बिना नहीं होता। गीता इसी विषय (प्रकृति आत्मा-परमात्मा) के विवेचन का गुहा ज्ञान है। यह तत्त्व-ज्ञान तर्क, बुद्धि, मन और इंद्रियों से प्राप्य नहीं। अव्यक्त आत्मा तथा परमात्मा ब्रह्म विद्या का ही विषय है। ब्रहा विद्या ही ब्रह्म और जगत दोनों का बोध कराती है। गीता के सातवें अध्याय में परा-अपरा प्रकृति रूप में और तेरहवें अध्याय में क्षेत्र क्षेत्रज्ञ के रूप में इसी तथ्य का विवेचन किया गया है। इस ज्ञान की प्राप्ति के लिए साधना, निष्ठा, श्रद्धा और तत्त्व-ज्ञानी गुरु अनिवार्य है।

– गीता 4/34

गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि कर्म योग, भक्ति योग, ज्ञान योग और सच्ची कर्तव्यपरायणता में ही प्रभु-प्राप्ति की सामर्थ्य है। कर्म आश्रित सासारिकता के लिए, संसार में प्रसिद्धि के लिए और भगवान की सिद्धि के लिए गीता में निष्काम कर्म का सरल उल्लेख है। निष्काम कर्म द्वारा चंचल मन के स्थिर होने पर शुद्ध चित्त में सर्वव्यापक ईश्वर स्वयं ही प्रकट हो जाते हैं।

आधुनिक काल के संदर्भ में स. परमहंस स्वामी योगानंद जी द्वारा प्रचारित क्रिया योग भी इसी निष्काम कर्म योग का उत्कृष्ट भाग है, इस तथ्य का उल्लेख गोता 4/29 में स्पष्ट है। गीता का तत्त्व-ज्ञान ही शोक, भय तथा संशय का अंत और पूर्ण स्वतंत्रता का मंत्र है। शोकग्रस्त नारदजी को भी महापुरुष सनत्कुमार ने इसी तत्त्व-ज्ञान (नामी) का उपदेश दिया था और यही परम आनंद है।

लेखक परिचय

आर आर. वर्मा भारतीय पुलिस सेवा के सदस्य तथा सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक और भूतपूर्व राज्य सेवा आयोग के अध्यक्ष हैं। वर्मा जी पिछले तीस वर्षों से स. परमहंस स्वामी योगानंद जी द्वारा प्रचारित विश्व-विख्यात क्रिया योग के अनुयायी हैं। इनकी रुचि लेखन, अध्ययन, बागबानी और ट्रैकिंग में विशेष रूप से है। वर्मा जी ने अंग्रेजी भाषा में भी गीता पर भाष्य लिखा है, जिसका दूसरा संस्करण प्रकाशित हो चुका है।

Weight350 g
Dimensions19 × 12 × 4 cm
Book Condition

New

Country of Origin

India

Language

Hindi

Product Form

Paperback

Publishers

FINGERPRINT

Pages

520

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “The Bhagwat Gita”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recognized by Amazon – 4 Years in a Row.

Recognized by Amazon

4 Years in a Row

Popular With Our Readers

Talekart India

Talekart India

Need Help? Chat with us on Whatsapp

I will be back soon

Talekart India
Hi 👋 ✦ Namaste 🙏
WhatsApp