Rigveda
वेद ईश्वर रचित माने गए हैं, आज के इतिहास शास्त्री यह स्वीकार करते हैं कि वेद विश्व के सबसे प्राचीन ग्रन्थ हैं। वेदों में अद्भुत ज्ञान का सागर लहरा रहा है और इनको पढ़कर जीवन के हर क्षेत्र में व्यक्ति अपना मार्ग दर्शन पा सकता है। वेदों के कारण ही भारतीय आज भी अरुप है। संस्कृति की इस धरोहर का यह सरल हिन्दी रुपान्तर इस उद्देश्य से प्रकाशित किया जा रहा है कि सर्वसाधारण भी इनका ज्ञान प्राप्त कर सके। प्रत्येक परिवार के लिए यह प्रकाशन एक अमूल्य निधि है। जो हर समय हर क्षेत्र में प्रकाशपुंज का कार्य करती रहेगी

























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