Dh One Cricket aur Jeevan ki bayangi
एक शाम, जब मैं एलेन के साथ डिनर के लिए गया, तो उसकी मौजूदगी की ख़बर पूरी टीम में जंगल की आग की तरह फैल गई। एक सीनियर नेशनल सलेक्टर, जो हमारे साथ टूर पर थे, ने हमें लॉबी में हाथ पकड़े हुए देख लिया। मुझे ये ख्याल तक नहीं आया कि मुझे उसका हाथ छोड़ देना चाहिए, क्योंकि मेरे अनुसार, मैं कुछ गलत नहीं कर रहा था। अगर उस ऑस्ट्रेलिया टूर पर मेरा प्रदर्शन लगातार अच्छा रहता, तो बहुत मुमकिन था कि मैं सीनियर भारतीय टीम में पहुंच जाता, लेकिन मेरा प्रदर्शन गिरता ही गया।’
या
रंगीला, अक्खड़ और करिश्माई। शिखर धवन को बयान करने के लिए ऐसे कई शब्द इस्तेमाल किये जा सकते हैं।
आधुनिक क्रिकेट के सबसे आक्रामक और स्टाइलिश बल्लेबाज़ों में से एक, शिखर धवन भारत की कई यादगार जीतों के हीरो रहे हैं। ध वन में धवन अपनी जिंदगी के अविश्वसनीय सफ़र पर पाठकों को साथ लेकर चलते हैं। दिल्ली क्रिकेट के बेहद प्रतिस्पर्धी माहौल में बड़े होते हुए, धवन ने शुरुआत एक विकेटकीपर के तौर पर की थी, लेकिन बाद में वो ओपनिंग बल्लेबाज़ बन गये। ये एक ऐसा फैसला था जिसने उनके पूरे करियर की दिशा तय कर दी।
मैदान के बाहर, धवन की जिंदगी किसी रोलर कोस्टर राइड से कम नहीं रही और इस संस्मरण में उन्होंने खुलकर सबकुछ सामने रखा है। कैसे एक पूर्व क्रिकेटर के साथ बार में हुई बातचीत ने उनकी बैटिंग को बेहतर बनाने में मदद की। ऐसा क्या था जिसने उन्हें उस दौर में एक ज्योतिषी के पास जाने पर मजबूर किया, जब वो एक किशोर थे और क्रिकेट में बड़ा नाम बनाने का सपना देख रहे थे। आख़िर क्यों उन्हें बिना किसी साफ़ वजह के, दो साल तक इंडिया-ए टीम से बाहर रखा गया?
अपने रिश्तों से लेकर दोस्तियों तक और उनसे जुड़े तमाम विवादों तक, धवन का सफ़र बेबाकी से भरा रहा है। और उनके इस सफ़र को देखकर हमें मालूम चलता है कि उन्होंने ज़िंदगी में हर मुश्किल गेंद का बखूबी सामना किया और ऐसा करते हुए वो इंडिया के लिए सबसे बड़े स्तर पर शानदार तरीके से परफॉर्म भी कर रहे थे और जीत दिला रहे थे।
पूरी ईमानदारी और सच्चाई के साथ लिखी गयी ध वन, शिखर धवन के भीतर चल रहे विचारों और उनमें मौजूद उन तमाम माम कमजोरियों की ऐसी झलक देती है, जिन्होंने उन्हें आज का चैंपियन क्रिकेट और एक संवेदनशील इंसान बनाया है। ये कहानी ताक़तवर, दिल में रह जाने वाली और कड़वेपन की हद तक सच्ची है, जो पाठकों और फ़ैन्स के साथ लंबे समय तक बनी रहेगी।


























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