Aawaragard
हिन्दी के प्रतिष्ठित कथाकार आचार्य चतुरसेन मानव-हृदय का चित्रण करने में अत्यंत कुशल हैं। उन्होंने अपनी 40 बरस की लम्बी साहित्य-साधना में साढ़े चार सौ से अधिक कहानियाँ लिखीं। लेखक ने स्वयं स्वीकार किया है कि उन्होंने अपनी कहानियों में उपन्यासों से कहीं बढ़-चढ़कर श्रम किया। आवारागर्द उनके पूरे कथा साहित्य में से चुनी हुई कहानियों का श्रेष्ठ संकलन है। इनमें आवारा, डाकू, ठग, क्रांतिकारी, वेश्या, पण्डित, राजकुमारी आदि हमारे समाज के विविध चरित्रों का अंकन बड़ी मार्मिकता के साथ हुआ है














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