Shiv Ke Sutra
यह पुस्तक शिव सूत्रों पर अब तक की सबसे गहन और व्यापक टीका है। भगवद्गीता की भांति शिव सूत्र भी मानवता की महानतम आध्यात्मिक कालजयी कृतियों में से एक हैं। इन्हें ग्यारह शताब्दियों पूर्व कश्मीर घाटी में भगवान शिव ने मुक्त होने की कला सिखाने के उद्देश्य से प्रकट किया था। फिर भी, आज तक कोई टीका इन सूत्रों के साथ पूर्ण न्याय नहीं कर पाई है। कश्मीर शैव तांत्रिक संप्रदाय के एक प्रबुद्ध रहस्यवादी, आदि सुयश द्वारा लिखित शिव के सूत्र, अन्य सभी मौजूदा टीकाओं से श्रेष्ठ है। इस पुस्तक में लंबे समय से भूले हुए दर्शन का सार अक्षुण्ण रखा गया है और साथ ही, यह प्राचीन ज्ञान एवं आधुनिक बोध के बीच के अंतर को पाटती है। यह दर्शन से लेकर व्यावहारिकता तक अद्वैत रहस्यवाद के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालती है और इसमें प्रत्येक सूत्र की सभी संभावित और सटीक व्याख्याओं को सरल, गहन और स्पष्ट ढंग से प्रस्तुत किया गया है। सरल दृष्टांतों और उपमाओं के उपयोग के चलते इस पुस्तक को आम पाठक भी आसानी से समझ सकता है। यह उन भक्तों के लिए लिखी गई है जो शिव का अमृत-रूपी ज्ञान पाने की लालसा रखते हैं, जो वास्तव में अपने जीवन को बदलना चाहते हैं; वे ही वास्तव में कृपा के पात्र हैं, और शिव अपनी इन शिक्षाओं को उन्हीं भक्तों तक पहुँचाना चाहते थे।






























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