Xi Jinping : China Ki Shasan-Pranali
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में नये युग के चीनी विशेषता वाले समाजवाद के बारे में शी चिनफिङ की विचारधारा को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक ऐसे निर्देशक सिद्धान्त के रूप में सुनिश्चित किया गया है जिस पर पार्टी को लम्बे अरसे तक अमल करना होगा। इसके फलस्वरूप पार्टी के निर्देशक सिद्धान्तों में एक युगान्तरकारी विकास हुआ है और सभी क्षेत्रों में सामान्य समृद्धि वाले समाज के निर्माण में निर्णायक सफलता प्राप्त करने, चौतरफा तौर पर एक समाजवादी आधुनिक देश के निर्माण के लिए एक नया अभियान शुरू करने तथा चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान को साकार करने के लिए कार्य-दिशा प्रस्तुत की गयी है। शी चिनफिङ नये युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद की विचारधारा के मुख्य प्रवर्तक हैं।
शी चिनफिङ की ग्रन्थावली “चीन की शासन प्रणाली” (पहला भाग) सितम्बर 2014 में प्रकाशित हुई है। इसके प्रकाशन के बाद उसे चीनी, अंग्रेज़ी, फ्रांसीसी, रूसी, अरबी, स्पेनिश, पुर्तगाली, जर्मन और जापानी जैसी अनेक विदेशी भाषाओं में अनूदित तथा देश-विदेश में जारी किया गया है। उसकी व्यापक सराहना और अच्छी समीक्षा की गयी है। इस तरह इसने नये युग में चीनी विशेषता वाली समाजवादी विचारधारा के बारे में शी चिनफिङ के सिद्धान्तों का अध्ययन करने तथा उनका सार समझने में व्यापक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का निर्देशन करने में अहम भूमिका अदा की है और समकालीन चीन एवं चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को जानने-समझने के लिए महत्त्वपूर्ण राजनीतिक साहित्य प्रस्तुत किया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद हमने नवम्बर 2017 में शी चिनफिङ की “चीन की शासन प्रणाली” शीर्षक ग्रन्थावली का दूसरा भाग प्रकाशित किया है। हमारा ध्येय है कि नये युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद के बारे में शी चिनफिङ की विचारधारा के सारभूत तत्त्वों एवं समृद्ध विषयों के अध्ययन में महारत हासिल करने में लोगों को मदद मिल सके।
शी चिनफिङ की ग्रन्थावली “चीन की शासन-प्रणाली” का दूसरा भाग इसके पहले भाग का जारी रूप है एवं एक-दूसरे का समेकित अंग है। इसमें






























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