Tantrik Aghoranand – Part 2
कई कठिन साधनाओं को पार करते हुए अघोरानन्द की नियति उसे अब ऐसी जटिल साधनाओं और परिस्थितियों की ओर ले पहुंची है जहां खुद पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है। ज़रा सी चूक का मतलब होगा.. मौत !
क्या अधोरानन्द इन परिस्थितियों में संयम रख पाएगा? क्या वह तंत्र-मंत्र के अदृष्ट जाल में बंधे लोगों को मुक्त करवा पाएगा? या फिर वह कमज़ोर पड़ जाएगा? इन सभी प्रश्नों से पर्दा उठाने के लिए आपको पढ़ना होगा तांत्रिक अघोरानन्द श्रृंखला का यह दूसरा भाग।
अपनी पहली किताव से सबको सम्मोहित करने के बाद, लेखक दूसरी किताब के साथ एक बार फिर आपको तंत्र-मंत्र और साथनाओं की दुनिया में ले जाने के लिए तैयार हैं। तो देर किस बात की? चलते हैं फिर से थोड़ा डरने, रोमांचित होने और तांत्रिक साधनाओं की अद्भुत और चमत्कारिक दुनिया में।






























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