बुद्ध के ये वचन अनूठे काव्य से भरे हैं। कोई तो कवि होता है शब्दों का, कोई कवि होता है जीवन का। कोई तो गीत गाता है, कोई गीत होता है। बुद्ध गीत हैं। उनसे जो भी निकला है, काश। तुम उनके छंद को पकड़ लो, तो तुम्हारे जीवन में भी क्रांति हो जाए।”
ओशो
भगवान बुद्ध की सुललित वाणी ‘धम्मपद’ पर प्रश्नोत्तर सहित पुणे में हुई सिरीज के अंतर्गत दी गई 122 OSHO Talks में से ये 11 (31 से 41) OSHO Talks हैं। नए रूप में अवतरित ये सूत्र सदियों पुरानी बातों को ओशो की पुनः जागृत करने की क्षमता से परिचित कराते हैं और यहाँ ओशो और बुद्ध के सम्मिलन का प्रतिफलन होता है।
पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदुः
* असुरक्षा का क्या अर्थ है?
* जीवंत होने का अर्थ
* कामना बहिर्गामी है, फिर क्या है जो अंतर्यात्रा पर ले जाता है?
* जब तक वासना है, कामना है, क्या तभी तक साधना है?
* प्रेम संसार के बाजार में है या अपने भीतर?
वृद्धि











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