Tootti lanshe
आप किसी ट्रेन में सफर कर रहे हैं और आपके सामने की सीट पर ऐसा यात्री बैठे हो, जो यह कहे कि वह मर चुका है और स्वयं की की मृतक होने का प्रूफ भी दिखाये, तब आपको वह प्रथम दृष्ट्या ‘विक्षिप्त’ लगेगा… वाकई में आप गलत नहीं हैं, किंतु वह व्यक्ति 100 फीसदी सच बोल रहा होता है, परंतु वह भूत या प्रेत नहीं है, तो क्या है? इस बात की जानकारी के लिए आपको यह उपन्यास’ टूटती लाशें पढ़ना होगा।
अपने साहित्यिक और सामाजिक कार्यों को लेकर भारत सरकार के द्वितीय नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषणं हेतु नामांकित होने वाले देश में सबसे कम आयु के पहले व्यक्ति श्री तत्सम्यक् मनु ‘किताबदान’ मुहिम के प्रणेता और हिंदी साहित्य में विशिष्ट प्रयोगधर्मिता के नवसूत्रधार है। महज़ 3 वर्ष और कुछ माह की उम्र में ही उनकी पहली पुस्तिका छप चुकी थी। अब तो विविध विधाओं में श्री मनु की दर्जनभर पुस्तकें छप चुकी है।
कोरोनाकाल में जरूरतमंदों का मददगार बनकर उभरे और लाखों मास्क, साबुन, सेनिटाइजर्स इत्यादि मुफ्त वितरित करके दैनिक जागरण के द्वारा ‘मास्कमैन ऑफ इंडिया से विभूषित इस ‘सोशल इंजीनियर ने जहाँ अतार्किक परम्पराओं के विरुद्ध बहुविध जनसरोकार अभियान चला रखे हैं, वहीं साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार के फाइनलिस्ट रहे ‘तत्सम्यक् मनु का नाम और कीर्तिमान लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, ग्लोबल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया, रिकॉर्ड्स होल्डर रिपब्लिक यूके जैसे अनेक रिकॉर्ड्स बुक में शामिल हैं।




























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