Mahayogi Ki Antardrishti
जीवन का अर्थ तलाश रहे लोगों के लिए यह एक बेहद ज़रूरी किताब है। साथ ही, यह किताब उन सभी लोगों के लिए है, जो कोरे सिद्धांतों से ऊपर उठकर एक प्रबुद्ध और विलक्षण योगी के ज्ञान के माध्यम से चीजों के मर्म और उनके मूल स्रोत तक जाने की इच्छा रखते हैं। ―द टााइम्स ऑफ इंडिया
सद्गुरु से मिलना मेरी ज़िंदगी का सबसे निर्णायक पल रहा है। इसने जीवन के प्रति मेरे दृष्टिकोण और उससे जुड़ी चुनौतियों को देखने का मेरा पूरा नज़रिया ही बदल दिया। ‘महायोगी की अंतर्दृष्टि’ सद्गुरु की शिक्षाओं का एक बेहद खूबसूरत संग्रह है। ―रवि वेंकटेशन, पूर्व अध्यक्ष, माइक्रोसॉफ़्ट इंडिया
‘महायोगी की अंतर्दृष्टि’ पढ़ने में बेहद शानदार, विचारों को झकझोर देने और प्रेरित करने वाली किताब है। यह किताब आपको अपने अस्तित्व के मूल स्रोत तक जाने की यात्रा करने के लिए प्रेरित करती है। ―डी. आर. कार्तिकेयन, पूर्व निदेशक, केंद्रीय ब्यूरो अन्वेषण और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग।
इस किताब में सद्गुरु जीवन, मरण, पुनर्जन्म, कष्ट, कर्म और अंतर्यात्रा जैसे गूढ़ विषयों पर प्रकाश डालते हुए पाठकों में जिज्ञासा पैदा करते हैं।
अपनी विनम्र, साहसिक और सरल शैली में, सद्गुरु नैतिकता, धर्म और आध्यात्मिकता की पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देते हैं। वे पाठकों को स्वयं की उस यात्रा पर ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं, जो कमज़ोर दिल वालों के लिए नहीं है।






























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