Jharokha/झरोखा
अक्षय एक ऐसा पत्रकार था, जो गरीबी की खाई से उठकर अपनी मेहनत और ईमानदारी से प्रसिद्धि की बुलंदियों तक पहुंचा। स्मृति एक ऐसी औरत थी जिसके रोम-रोम में प्यार बसा था, लेकिन उसे न अपने आप पर भरोसा था और न दूसरे पर भी। खोजी पत्रकार को क्या कुछ त्याग करना पड़ता है यह इस उपन्यास में दर्शाया गया है साथ ही इसमें प्रेम एवं घृणा की ऐसी दास्तान भी है जो हर किसी के रोंगटे खड़ी कर देती है।






























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