How the Great Rewiring of Childhood Is Causing an Epidemic of Mental
2010 से किशोरों ने साधारण मोबाइल फोन की जगह सोशल मीडिया ऐप्स से भरे स्मार्टफोन अपनाने शुरू कर दिए। वास्तविक दुनिया का निरीक्षण करने और प्रत्यक्ष अनुभव लेने के बजाय वे ऑनलाइन रहकर आभासी दुनिया में अपना अधिकांश समय बिताने लगे। इसके परिणामस्वरूप परिवार और मित्रों के साथ प्रत्यक्ष संवाद तथा मानसिक स्वास्थ्य, दोनों में तेज़ी से गिरावट आई।
यह पुस्तक आधुनिक शोध के आधार पर दिखाती है कि मुक्त खेल से स्मार्टफोन की ओर हुआ यह परिवर्तन विकास प्रक्रिया में बाधाएं उत्पन्न करता है। नींद की कमी से लेकर लत तक, अनेक समस्याएं इसी कारण पैदा हुई हैं। यह पुस्तक प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान पर आधारित है। इसमें उपयोगी और व्यवहारिक सलाह दी गई है। तेज़ी से हो रहे बदलावों को समझने में यह हर पाठक के लिए निश्चय ही मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
इस किताब में
डिजिटल युग में स्वस्थ बाल्यावस्था बनाए रखने के लिए चरणबद्ध उपाय।
किशोरों में पाई जाने वाली शारीरिक और मानसिक समस्याएं व उपाय।
इंटरनेट के मायाजाल का लड़कों पर क्या प्रभाव पड़ता है और लड़कियों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
चार मूलभूत हानियां।
पालक,समाज,स्कूल और सरकार की भूमिका।
बच्चों को आभासी दुनिया से निकालकर वास्तविक दुनिया में वापस लाने के उपाय






























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