Ayodhya ki Urmila
रामायण में उर्मिला को प्रायः केवल लक्ष्मण की पत्नी के रूप में याद किया जाता है, जिसने चौदह वर्षों तक पति-वियोग सहा। लेकिन उसके जीवन की अपनी कहानी क्या थी?
राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास पर जाने के बाद उर्मिला पीछे रह गई। समय के साथ उसका उल्लेख कम होता गया और वह मानो इतिहास के अंधेरे में खो गई।
राजमहल में रहने वाली उर्मिला को भी एक कठिन वनवास से गुजरना पड़ा। फिर भी उसने अकेलेपन और चुनौतियों का सामना साहस और धैर्य के साथ किया। यह उपन्यास उसकी इसी जीवन-यात्रा, उसके संघर्ष, उसके अस्तित्व और उसके मजबूत व्यक्तित्व को रोचक और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करता है।
साथ ही, यह कथा रामायणकालीन समाज और संस्कृति की भी एक जीवंत झलक दिखाती है।




























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