College Ke Theek Baad
सुभाष वर्मा विज्ञान को केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रखते थे उसे कहानी में बदलते हैं। पिछले एक दशक से हिन्दी में विज्ञान-गल्प और फिक्शन लिखते हुए वे विज्ञान, तकनीक और मनुष्य के संबंधों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका लेखन जीवन को तर्क और संवेदना दोनों के संतुलन पर परखता है, जो उन्हें समकालीन हिन्दी कथालेखन में एक विशिष्ट पहचान देता है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र तथा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शिक्षित सुभाष वर्मा वर्तमान में भौतिकी चिकित्सा विज्ञानी और विकिरण सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।




























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