Shrikant
श्रीकांत एक यात्रा-प्रधान उपन्यास है जहाँ नायक विभिन्न स्थानों, व्यक्तियों और विचारों से गुज़रते हुए जीवन का अर्थ खोजता है। अबलामंडा, राजलक्ष्मी और अन्य पात्र अनुभव और आत्मबोध की परतें जोड़ते हैं। शरतचंद्र ने जीवन की अनिश्चितता, संबंधों की ऊष्मा और समय के परिवर्तन को सधी हुई, आत्मीय भाषा में प्रस्तुत किया है।






























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