Lal Kitab
एक उक्ति है ष्समय से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता। क्या नौकरी पेशा व्यक्ति घर बैठ जाये तो वेतन मिल जायेगा ? यदि व्यवसायी अपनी दुकान ही न खोले तो क्या उसे लाभ हो पायेगा ? किसी भी व्यक्ति की किस्मत में अंक नहीं लिखे हैं कि यह व्यक्ति अपने जीवन में इतने रुपये इतने पैसे ही कमा पायेगा। जितना वह श्रम करेगा उसका अनुकूल समय होने पर उचित प्रतिफल एवं प्रतिकूल समय होने पर कम प्रतिफल मिल पायेगा। अज्ञात भविष्य को जानने की इच्छा मनुष्य में सदा से रही है। भविष्य को पहले जानकर व्यक्ति समयानुसार योजना बना सकता है। अनुकूल समय होने पर जहां जातक अधिक जोखिम ले सकता है वहीं प्रतिकूल समय होने पर विशेष सावधानी रख सकता है। ज्योतिष शास्त्र मात्र भविष्य की रूपरेखा बता सकता है, कष्ट एवं पीडा स्वयं जातक को ही सहना होता है। भविष्य जानने के लिए कई विधियों की खोज की गई जिसमें ज्योतिष का विशेष स्थान है। भविष्य को जानने की इच्छा के साथ-ही-साथ कष्ट, रोग, शोक, पीड़ा-मुक्ति के लिए भी विभिन्न शोध हुए, कई विधियों प्रचलित हुई, जिसमें दान, यज्ञ, रत्न-धारण, मंत्र-तंत्र-यत्र प्रयोग आदि थे। लेकिन इन सभी प्रयोगों में अधिक समय व धन लगता था तब लाल किताब की रचना हुई। इस दशक की सर्वाधिक चचिर्त पुस्तक का नाम है लाल किताब। लाल किताब विशेष कर उन व्यक्तियों के लिए है जो कम-से-कम समय में, बिना कोई खर्च, बिना किसी पंडित से सलाह लिए स्वयं प्रयोग कर सकें। जहाँ यह पुस्तक लाल किताब की सम्पूर्ण जानकारी देती है वहीं मांगलिक दोष, रोम ऋण मुक्ति, संतान सुख भवन सुख, आयु-निर्णय आदि पर विशेष उपाय लिखे गये। ग्रह-दोष निवारण, ग्रहों से होने वाले रोग के लिए तुरन्त प्रभावी उपाय लिखे गये हैं। इस पुस्तक को ष्सम्पूर्ण लाल किताबष् कहा जा सकता है। विश्वप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, ख्यातिप्राप्त लोकप्रिय भविष्यवक्ता, सर्वाधिक ज्योतिष पुस्तकों के लेखक डॉ. राधाकृष्ण श्रीमाली द्वारा रचित यह पुस्तक आपके लिए बहु उपयोगी सिद्ध होगी। जो पाठक वास्तव में सरल हिन्दी भाषा में लाल किताब की खोज में थे उनके लिए यह पुस्तक अन्तिम खोज होगी






























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