Ik Ye Chand Aur Tum
लोकेश गुलयानी पिछले डेढ़ दशक से लिख रहे हैं, ‘इक ये चाँद और तुम’ उनकी डेढ़ दशक की साहित्यिक यात्रा का रूमानी दस्तावेज़ है। ये वे कविताएँ और शायरी हैं, जिसे उन्होंने मुख़्तलिफ़ वक़्फ़े में लिखा है। लोकेश उम्मीद करते हैं कि साहित्य प्रेमी अपने स्नेह से उनकी इस कृति को वैसे ही नवाज़ेंगे जैसा अब तक करते आएं हैं।




























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