Rabindranath Ki Nayikayein
विश्वकवि, गुरुदेव, कविगुरु—इन विराट संबोधनों के पीछे एक निजी, संवेदनशील और गहरे मानवीय रबींद्रनाथ भी थे। ‘रबींद्रनाथ की नायिकाएँ’ उसी मनुष्य रबींद्रनाथ को उनके जीवन में आई स्त्रियों के आलोक में समझने का प्रयास है।
जयश्री पुरवार संस्मरणों, जीवनियों, पत्रों और रबींद्रनाथ की रचनाओं के सहारे उन स्त्रियों की कथा सामने लाती हैं, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनके जीवन, विचार और सृजन को प्रभावित किया। माँ सारदा देवी से भाभी कादंबरी देवी, पत्नी मृणालिनी, ज्ञानदानंदिनी और इंदिरा देवी तक; अन्नपूर्णा तरखड़ और लूसी स्कॉट से लेडी रानू, मैत्रेयी देवी, विक्टोरिया ओकैंपो, तोमिको कोअरा और हेमंतबाला तक—इन संबंधों में कहीं मातृस्नेह है, कहीं मित्रता, कहीं अधूरा प्रणय, कहीं बौद्धिक और आध्यात्मिक आत्मीयता।
यह पुस्तक सनसनीखेज प्रेमकथाओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन स्त्रियों की उपस्थिति और स्वतंत्र व्यक्तित्व को पहचानने वाली एक जीवंत चित्रावली है, जिनके माध्यम से रबींद्रनाथ के एकाकीपन, प्रेम, स्त्री-दृष्टि और रचनात्मक संसार के कई अनदेखे द्वार खुलते हैं।






























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