Sahar Kabhi Kabhi
सहर कभी कभी’ जाने-माने लेखक, नाटककार और संगीतकार रुपिन विग द्वारा रचित एक अत्यंत संवेदनशील ग़ज़ल और नज़्म संग्रह है। यह पुस्तक लेखक की सोच और जिंदगी के नजरिए का एक बेहतरीन सारांश है। इस संग्रह में प्रेम, बिछड़ने का गम, जीवन, और मौत जैसे विभिन्न गहरे विषयों को बेहद खूबसूरत और प्रभावशाली अश्आर (शेरों) व नज़्मों के माध्यम से उकेरा गया है। किताब की पंक्तियाँ पाठकों के दिलों को छू जाती हैं— “इसी का नाम ज़िंदगी इसी को सब हैं चाहते इसी में दर्द हैं बसे इसी में छुपी राहतें” यदि आपको शायरी, हिंदी-उर्दू अदब और रूहानी कविताओं से प्रेम है, तो यह पुस्तक आपके व्यक्तिगत संग्रह के लिए एक नायाब कृति है।






























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