विमल सीरीज़ का नया सनसनीखेज़ उपन्यास!
वो मर्द नहीं जो डर जाए, माहौल के खूनी मंज़र से, उस हाल में जीना लाज़िम है, जिस हाल में जीना मुश्किल है।
‘वक्त बड़े-बड़े गम भुला देता है, ऐसा न हो तो जीना जहन्नुम बन जाए, हर कोई जीते-जी मर जाए, फिर न भूल कि तू सोहल है, वो सोहल है, जिसका नाम सुनकर दुश्मन काँप जाते हैं, तू सामने पड़ जाए, तो कलेजा थाम लेते हैं, कि अगली बार, दिल पता नहीं धड़केगा या नहीं।”























Reviews
There are no reviews yet.