Kaise Bharat Ne G20 Ke Shikhar Par Vijay Prapt Ki
एक असाधारण शेरपा के रूप में इनके योगदानों ने सहमति स्थापित करने में जो अद्वितीय भूमिका निभाई है, हाल के समय में इसका कोई समानांतर उदाहरण नहीं मिलता।
– एन. के. सिंह सह-अध्यक्ष बहुपक्षीय विकास बैंक सुधार पर ग.20 स्वतंत्र विशेषज्ञ समूह और अध्यक्ष, 15वां विच आयोग
‘यह किताब हर उस व्यक्ति को अवश्य पढ़नी चाहिए जो विश्व मंच पर भारत के नेतृत्व की बारीकियों को समझने की उत्सुकता रखता है।’
– एन. चंद्रशेखरन अध्यक्ष, हाटा संस
मिलीमीटर
अमिताभ कांत ने भारत की ग20 अध्यक्षता पर अपने प्रत्यक्ष अनुभव के साथ नेतृत्व और कूटनीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। – निकोलस स्टर्न अर्थशास्त्र एवं सरकार में आईजी चटेल के अध्यक्ष, एलएमई
यह किताब बखूबी दर्शाती है कि कैसे भारत ने विकास, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास को केंद्र में रखते हुए वैश्विक चुनौतियों को पार कर एक अग्रिम विचारधारा वाले एजेंडे को बढ़ावा दिया।
– नूरील रूबिनी, प्रोफेसर एमेरिटस, स्टन स्कूल ऑफ चिजनेस, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी
‘[कांत] ने जटिल वार्ताओं और उनके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभावों को समझने का एक बेजोड़ ढंग प्रस्तुत किया है।
– अरविंद पनगढ़िया अध्यक्ष, 16वां वित्त आयोग और 2015 में
2017 तक भारत के 6-20 शेरपा




























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